नेशनल हाईवे 707 पर अवैध डंपिंग जारी, हेयोना में चेक पोस्ट का निर्माण भी खतरे से खाली नहीं.. नाथूराम

नेशनल हाईवे 707 पर अवैध डंपिंग जारी, हेयोना में चेक पोस्ट का निर्माण भी खतरे से खाली नहीं.. नाथूराम

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

नेशनल हाइवे 707 ने हजारों टन मलबा अवैध रूप से इस खड़ मे डम्प कर दिया, ज़ब उनसे डंपिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा की खनन विभाग वालो ने हमें डंप करने को कहा क्योंकि उन्होंने यहां पर चेक पोस्ट व भार तोल कांटा लगाना है, अब हैरानी की बात तो यह है की 2004-5 से यहां पर छोटा मोटा डंपिग का काम हो रहा है, 2022-23 के बाद तो हजारों टन मलबा यहां किसके केहने पर डंप किया गया इतने जीव जंतुओ और बनस्पति का नुकसान किसके केहने पर किया जा रहा है ।

शिलाई के समाज सेवी नाथूराम चौहान ने मीडिया से रूबरू होकर सरकार और सिस्टम पर जमकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हेयोना में मलबे की 19 मीटर डंपिंग की हाइट पर धर्म कांटे का निर्माण भी चैक पोस्ट के साथ हो रहा है । यहां पर जो भार तोल कांटा या चेकपोस्ट लगाई जा रही है वह इतने गेहरे खड़ मे और हजारों टन मलवे के ऊपर क्यों बनाई जा रही है । वह भी तब जब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल का अस्तित्व ख़तम होने की बात कही है, और हिमाचल सरकार ने 2023-24-25 की आपदा को देखते हुए नदी नालो व खड़ो से 100-125 मीटर दूरी के अंदर किसी भी तरह का निर्माण करने को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया है ।

क्या यह चेक पोस्ट किसी और सुरक्षित जगह पर नहीं बन सकती है क्या इस चेक पोस्ट के लिए पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से अनुमति लेना आवश्यक नहीं समझा गया । क्या राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण, नेशनल हाइवे आथोरटी, वन मंत्रालय भारत व हिमाचल सरकार, जिलाधीश व सब जुड़िसीयल मजीस्टेट से अनुमति लेना आवश्यक नहीं समझा गया क्या और इस चेक पोस्ट से भविष्य मे जो नुकसान होगा उसके लिए कौन उत्तर दाई होंगे ।

उन्होंने कहा कि चिलोंन खड़ काफ़ी गहरा व हरे भरे पेड़ पौधों सहित दुर्लभ हिमालय बनस्पतियों का भंडार है, साथ ही साथ अनेको जीव जंतुओ तथा पशु पक्षीयों का आश्रय स्थल है, ये मध्य ऊचाई में होने के कारण यहां पर दुर्लभ जीव जंतुओ सहित दुर्लभ पक्षीयों के साथ साथ प्राणियों के लिए आक्सीजन का हब भी है, इस खड़ के तीनों दिशाओ मे ऊंचे ऊंचे पर्बत श्रृंखलाएँ है ।

उन्होंने कहा कि इस खड़ से लगभग 11-11 हजार फिट की ऊचाई है, जिस कारण इस खड़ का भौगोलिक व प्रयावरणीय आदुतीय महत्व है, इसके तीनों तरफ क्यों कि ऊँची ऊँची पर्वत श्रृंखलाएं है, जो लगभग 18 हजार वर्ग फिट मे फैली है, तो बरसात का पानी इकठा करने मे इस खड़ का विशेष महत्व है ।

पिछले कुछ सालो से इन सब ऊपर लिखित बातो का दरकिनार करते हुए 2005 से इस खड़ में अवैध डंपिंग किया जा रहा है, जो की किसी बड़ी आपदा लाने के साथ साथ, दुर्लभ हिमालयन बनस्पतियों सहित दुर्लभ जीव जंतुओ के लिए भी बड़े खतरे की आहट है, इस खड़ के निचे पानी के घराटों सहित लोगो की उपजाऊ जमीन है, उसके नुकसान होने से उन आश्रियो के सामने जीवन यापन की मुस्किले सामने आएगी, इस खड़ मे क्यों की 2004-5 से अवैध डंपिग होने के कारण इसका लेवल ऊंचा होने के कारण बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है ।

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